gold and silver price today– भारत में 6-7 नवंबर 2025 अपडेट
परिचय
“gold and silver price” – यह वाक्यांश आजकल निवेशकों, आभूषण खरीदारों और सामयिक बाजार विश्लेषकों द्वारा लगातार सर्च किया जा रहा है। भारत में 6 और 7 नवंबर 2025 को सोना-चाँदी की कीमतें एक ओर दबाव में रहीं तो दूसरी ओर कुछ पल के लिए रिबाउंड भी देखा गया।
6 नवंबर 2025 का बाजार परिदृश्य
6 नवंबर को भारत में “gold and silver price” में गिरावट देखने को मिली। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव प्रति ग्राम गिरकर करीब ₹12,148 तक आया था। वहीँ चाँदी (999 फाइन) की कीमत प्रति किलोग्राम ~ ₹1,50,500 दर्ज की गई थी।
इस गिरावट के पीछे प्रमुख कारण था अमेरिकी डॉलर का मजबूती-प्रदर्शन और Federal Reserve (फेड) की भविष्य की दर-कट को लेकर अनिश्चितता।
विश्लेषकों ने चेताया था कि सोने में कुछ और गिरावट संभव है और चाँदी के लिए भी दबाव जारी रहने की संभावना है।

7 नवंबर 2025 की स्थिति
7 नवंबर को “gold and silver price” में हल्की रिकवरी देखने को मिली। प्रमुख मिलेटेस्ट साइटों ने बताया कि मुंबई में 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,21,120 प्रति 10 ग्राम रहा, 22 कैरेट ~ ₹1,11,027 प्रति 10 ग्राम। चाँदी 999 फाइन प्रति किलोग्राम ~ ₹1,48,670 रही।
इस दिन सोने-चाँदी को कुछ समर्थन मिला क्योंकि अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और सुरक्षित-हवा (safe-haven) खरीद दिखी।
भारत में शहर-वार दरें
| शहर | 24 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम) | चाँदी (₹/किग्रा) |
|---|---|---|---|
| मुंबई | ₹1,21,120 | ₹1,11,027 | ₹1,48,500 |
| नई दिल्ली | ₹1,20,900 | ₹1,10,825 | ₹1,48,170 |
| बेंगलुरु | ₹1,21,240 | ₹1,11,137 | ₹1,48,570 |
(ऊपर की दरें 7 नवंबर 2025 की सुबह के आंकड़े हैं; ज्वेलरी मेकिंग-चार्ज, GST एवं अन्य स्थानीय शुल्क अलग हो सकते हैं)
क्या कारण बने हैं हालिया उतार-चढ़ाव के?
डॉलर की स्थिति व वैश्विक आर्थिक संकेत
विश्लेषकों के अनुसार, “gold and silver price” के उतार-चढ़ाव में सबसे बड़ा प्रभाव अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व की नीतियों का रहा है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना और चाँदी जैसे धातु डॉलर-मूल्य में महँगे हो जाते हैं, जिससे भारतीय क्रेता के लिए कीमतें ऊपर जाती हैं।
उदाहरण के लिए, 6 नवंबर को डॉलर की मजबूती ने सोने को दबाव में रखा।
घरेलू मांग और त्योहार-विवाह-मौसम
भारत में सोना-चाँदी की मांग अक्सर त्योहारों, शादी-विवाह सत्र के दौरान बढ़ जाती है। 6-7 नवंबर के बीच भी इस तरह की लेन-देह बनी रही, जिससे कीमतों को कुछ सहारा मिला।
तकनीकी विश्लेषण व ट्रेडर मूड
विश्लेषक Abhilash Koikkara (हेड – फॉरेक्स & कमॉडिटीज, Nuvama Professional Clients Group) ने अनुमान लगाया है कि सोने की कीमतें ₹1,17,000-₹1,15,000 तक गिर सकती हैं, इसके बाद ही नए समर्थन स्तर की स्थापना होगी। चाँदी के लिए स्थिति थोड़ी अलग- “चाँदी 999 फाइन” के लिए मुख्य प्रतिरोध स्तर ₹1,48,700 बताया गया है।
ध्यान देने योग्य जोखिम-स्तर
विश्लेषक विख्यात Goldman Sachs ने भी चेताया है कि चाँदी में सोने की तरह केंद्रीय बैंक-खरीद का समर्थन नहीं है, इसलिए “silver” उतार-चढ़ाव के लिए अधिक संवेदनशील है।

आगे क्या संभावित दिशा है?
- अगर डॉलर में कमजोरी आती है और फेड की दर-कट की उम्मीद बढ़ती है, तो “gold and silver price” दोनों में बढ़ोतरी संभव है।
- वहीं, अगर डॉलर फिर से मजबूत होता है या फेड ने सम्भावित दर-कट स्थगित की तो समर्थन टूट सकता है।
- निवेशकों को सुझाव है कि सीधे ऊँचे स्तर पर पहले नहीं चढ़ें; समर्थन स्तर तक गिरावट आने पर अवसर देखने योग्य है।
- चाँदी में निवेश करने वालों को सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि इसका जोखिम स्तर सोने से अधिक है।
निष्कर्ष
यह स्पष्ट है कि भारत में “gold and silver price” सिर्फ निवेश का विषय नहीं, बल्कि आर्थिक, वैश्विक और स्थानीय कई कारकों का मिश्रण है। 6 एवं 7 नवंबर 2025 में जब सोने-चाँदी की कीमतें उतार-चढ़ाव की स्थिति में रहीं, तब इन धातुओं की भूमिका एक सुरक्षित-हवा संपत्ति (safe-haven asset) की बनी रही। लेकिन, सही समय पर प्रवेश और समर्थन-स्तरों का ज्ञान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
(FAQ)
Q1: 6-7 नवंबर में सोने-चाँदी की कीमतें क्यों उतार-चढ़ाव में रहीं?
A1: मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर की स्थिति, फेडरल रिजर्व नीति की अनिश्चितता और भारत में शादी-विवाह व त्योहारों का सीजन इन उतार-चढ़ावों की वजह बने।
Q2: क्या अब सोने-चाँदी खरीदने का सही समय है؟
A2: अगर सोना या चाँदी समर्थन-स्तर (उदाहरण के लिए ₹1,17,000 के करीब सोना) तक गिरे और मांग बनी रहे तो यह अवसर हो सकता है। लेकिन निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से पूछना बेहतर है।
Q3: चाँदी में सोने की तुलना में निवेश करना सुरक्षित है?
A3: चाँदी में उतार-चढ़ाव का जोखिम सोने की तुलना में अधिक है क्योंकि केंद्रीय-बैंक खरीद का समर्थन कम है और इसका औद्योगिक उपयोग विस्तृत है।
Q4: स्थानीय जौहरी से सोना/चाँदी खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?
A4: शुद्धता-प्रमाण (BIS हॉलमार्क), स्थानीय गत मूल्य (per gram or per kg) की तुलना, मेकिंग-चार्ज व GST की जानकारी लेना अनिवार्य है।
Q5: सोने-चाँदी का लंबी अवधि में रुझान क्या है?
A5: लंबी अवधि के लिए सोने का रुझान सकारात्मक लग रहा है क्योंकि केंद्रीय बैंक और निवेशक सुरक्षित-हवा संपत्ति के रूप में इसे चुनते आ रहे हैं। चाँदी भी संभावित है लेकिन जोखिम अधिक है।



