Gold and Silver Price India 24 November 2025: आज के रेट और बजार विश्लेषण
gold and silver price का आज का अपडेट भारत में उपलब्ध है, जिसमें प्रमुख शहरों के 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम तथा चाँदी की प्रति किलोग्राम दरों का विवरण शामिल है। इसके साथ-साथ कल के मुकाबले बदलाव, पृष्ठभूमि में चल रही आर्थिक एवं मुद्रा-प्रवाह की स्थितियाँ, और निवेशकों के लिए विशेषज्ञों की राय प्रस्तुत की गई है।
परिचय
सोना-चाँदी हमेशा से भारत में सिर्फ अलंकरण के लिए नहीं बल्कि निवेश के प्रमुख साधनों में से रहा है। देश में gold and silver price पर असर डालने वाले कारक जैसे अंतरराष्ट्रीय डॉलर का प्रतिकार, केंद्रीय बैंक नीतियाँ, मांग-आपूर्ति और घरेलू चलन-मुद्रा व्यवस्था, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से असर डालते हैं। आज, 24 नवंबर 2025 को सोना-चाँदी की दरों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है जो निवेशकों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए संकेतक मानी जा सकती है।
आज के रेट्स एवं कल की तुलना
नीचे मुख्य दरें और कल (23 नवंबर 2025) की तुलना के साथ एक सारिणी-रूप में प्रस्तुत की गई हैं।
| धातु | शुद्धता / इकाई | आज की दर (24 नवंबर) | कल की दर (23 नवंबर) | बदलाव |
|---|---|---|---|---|
| सोना | 24 K (प्रति ग्राम) | ₹12,513 | ₹12,584 | ↓ ₹71 |
| सोना | 22 K (प्रति ग्राम) | ₹11,470 | ₹11,535 | ↓ ₹65 |
| सोना | 18 K (प्रति ग्राम) | ₹9,385 | ₹9,438 | ↓ ₹53 |
| चाँदी | 999 शुद्ध (प्रति किलोग्राम) | ₹1,63,000 | करीब ₹1,63,900 | ↓ ₹900 approx |
से यह स्पष्ट है कि आज सोने-चाँदी की दरों में हल्की गिरावट आई है। विशेष रूप से सोने के 24 कैरेट और 22 कैरेट दरों में क्रमशः ₹71 तथा ₹65 प्रति ग्राम की कमी दर्ज हुई है।
शहर-वार प्रमुख दरें
देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में आज 24 के व 22 के सोने की दरें निम्नानुसार हैं:
- मुंबई: 24 K – ₹1,23,230/10 ग्राम, 22 K – ₹1,12,961/10 ग्राम
- दिल्ली: 24 K – ₹1,23,250/10 ग्राम, 22 K – ₹1,12,979/10 ग्राम
- कोलकाता: 24 K – ₹1,23,300/10 ग्राम, 22 K – ₹1,13,025/10 ग्राम
चाँदी की दरें भी लगभग ₹1,53,000/किलोग्राम के स्तर पर रही हैं।
गिरावट के कारण
आज दर्ज की गई गिरावट के पीछे कुछ प्रमुख कारण नीचे दिए गए हैं:
- मजबूत अमेरिकी डॉलर: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर के मजबूती दिखने से सोने-चाँदी पर दबाव बना है, क्योंकि यह धातु डॉलर में मापी जाती हैं और अन्य मुद्राओं में इसकी लागत बढ़ जाती है।
- केंद्रीय बैंक नीति की अनिश्चितता: Federal Reserve (अमेरिका) द्वारा आगामी दर-कट की संभावना पर चल रही अटकलों में बदलाव ने निवेशकों की दिशा पर प्रभाव डाला है।
- घरेलू मांग-आपूर्ति गतिशीलता: पर्व-त्योहार या निवेश-मौसम में चढ़ाव के बाद सामान्य होने की प्रक्रिया में सोना-चाँदी की दरें स्थिर होती हैं।
विश्लेषक Bart Melek (Head of Commodity Strategies, TD Securities) के अनुसार, “नीचे दरें और कमजोर डॉॉलर मिलकर धातुओं को समर्थन दे रही हैं।”
निवेशकों के लिए दृष्टिकोण
निवेश की दृष्टि से यह स्थिति कुछ संकेत देती है कि सोना-चाँदी में थोड़ी राहत देखने को मिल रही है, हालांकि इसे स्थायी उछाल नहीं माना जाना चाहिए। निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान देना महत्वपूर्ण है:
- यदि आप निवेशीय रूप से सोना-चाँदी खरीदना चाह रहे हैं, तो वर्तमान दरों में हल्की गिरावट अवसर प्रदान कर सकती है।
- यदि आप ज्वैलरी-उपयोग के लिए खरीदारी कर रहे हैं, तो बाजार में चल रही गति और स्थानीय निर्माण-मेकिंग चार्ज, GST तथा TCS को ध्यान से समझें।
- सोना-चाँदी जैसी धातुओं में लिक्विडिटी कम होती है; इसलिए निवेश से पहले उद्देश्य (लंबी अवधि/मध्य अवधि) स्पष्ट करना लाभदायक होगा।
- दरें निरन्तर बदलती रहती हैं — इसलिए विश्वसनीय स्रोत से दैनिक रेट जांचना अहम है।
तकनीकी विश्लेषण एवं भविष्य-अनुमान
सोने-चाँदी की कीमतों में मौजूदा गतिशीलता नीचे-ऊपर दो प्रवृत्तियों के बीच संतुलन दर्शाती है।
पहली प्रवृत्ति में, मजबूत डॉलर और उच्च ब्याज-दरें धातुओं को दबाव में लाती हैं क्योंकि निवेशकों को अन्य विकल्प आकर्षक दिखने लगते हैं। दूसरी प्रवृत्ति में, असमर्थित मुद्राएँ, महंगाई-भय व ग्लोबल अनिश्चितताएँ धातुओं की ओर आकर्षित करती हैं। वर्तमान में, डॉलर की मजबूती और दर-कट की अनिश्चितता पहले प्रवृत्ति को बल दे रही है।
यदि आने वाले सप्ताहों में अमेरिकी आर्थिक डेटा कमजोर आता है या अमेरिकी ब्याज-दरें नीचे जाने की संभावना बढ़ती है, तो सोने-चाँदी की दरें पुनः बढ़ने की ओर निर्देशित हो सकती हैं। इसके विपरीत, यदि डॉलर और वैश्विक आर्थिक संकेतक मजबूत बने रहते हैं, तो दरें नीचे दब सकती हैं।
विशेषज्ञ की राय
डीलर एवं विश्लेषक सलाह देते हैं कि सोना-चाँदी को हंगामा-मुक्त निवेश माना जाना चाहिए न कि सिर्फ त्वरित लाभ-उद्देश्य। ज्वैलरी के लिए खरीदारी करते समय प्रमाणित हॉलमार्किंग, वेट व इनवॉइस की पुष्टि करना ज़रूरी है। उदाहरण के लिए, सोने की गिरावट के बाद आजीविका-पूर्ति या शादी-त्योहार की खरीदारी करने वालों के लिए यह समय सोने की कीमतों में थोड़ी राहत के रूप में देखा जा सकता है।
निष्कर्ष
आज 24 नवंबर 2025 को भारत में gold and silver price में हल्की गिरावट आई है। 24 कैरेट सोने का प्रति ग्राम दर लगभग ₹12,513 और 22 कैरेट का ₹11,470 है, जबकि चाँदी की प्रति किलोग्राम दर लगभग ₹1,63,000 है। यह गिरावट मुख्य रूप से डॉलर की मजबूती और अमेरिकी दर-कट की अनिश्चितता से प्रेरित है। निवेशक व उपभोक्ता दोनों के लिए यह एक बेहतर समय हो सकता है किंतु सावधानी आवश्यक है। अगले कुछ दिनों में दरों की दिशा पर आने वाले अमेरिकी आर्थिक संकेतक तथा घरेलू मांग-दबाव महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
(FAQ)
Q1. आज प्रस्तुत दरों में GST, मेकिंग चार्ज और TCS शामिल हैं ?
A1. नहीं, ऊपर दी गई दरें आमतौर पर धातु की शुद्ध दर हैं; स्थानीय ज्वैलर द्वारा मेकिंग चार्ज, GST तथा TCS अलग से लिया जाता है।
Q2. क्या सोना नेक निवेश है ?
A2. सोना पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है, खासकर जब मुद्रास्फीति या वैश्विक अस्थिरता हो। लेकिन लाभ-उद्देश्य से गिरावट के समय में ही निवेश करना नहीं चाहिये; लंबी अवधि की दृष्टि से इसकी भूमिका ठीक मानी जाती है।
Q3. चाँदी में निवेश कब उपयुक्त है ?
A3. चाँदी न केवल सजावटी धातु है बल्कि औद्योगिक उपयोग भी है, इसलिए इसकी मांग-आपूर्ति में उतार-चढ़ाव अधिक होता है। यदि दरें गिर रही हों तो यह अवसर हो सकता है, किंतु जोखिम-प्रबंधन जरूरी है।
Q4. सोना-चाँदी की दरों पर सबसे अधिक कौन-से कारक प्रभाव डालते हैं ?
A4. प्रमुख कारक हैं: अमेरिकी डॉलर की चाल, अमेरिकी एवं अन्य केंद्रीय बैंकों की ब्याज-दर नीति, वैश्विक आर्थिक संकेतक, भारत में मांग-मात्रा (त्योहार/शादी), और स्थानीय आपूर्ति-शृंखला।
Q5. मैं आज सोना खरीदूं या प्रतीक्षा करूं ?
A5. यदि आप खरीदारी का उद्देश्य ज्वैलरी है और आज अच्छी डील मिल रही है, तो अवसर समझा जा सकता है। निवेश के लिए, यह देखने योग्य है कि क्या दरों में गिरावट स्थिर है या परावर्तन हो सकता है। संभावित गिरावट के बावजूद अपने निवेश-उद्देश्य को स्पष्ट रखें।



