दिल्ली में आधी हो जाएगी गाड़ियों की कीमत! नई EV पॉलिसी में क्या है खास?
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Delhi EV Policy 2025 भारत की राजधानी दिल्ली को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने और शहरी परिवहन प्रणाली को पर्यावरण‑दोस्त बनाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने नई EV पॉलिसी (Electric Vehicle Policy 2.0) का मसौदा तैयार किया है। यह पॉलिसी न केवल electric vehicles (ईवी) के विस्तार के लिए प्रेरित करती है, बल्कि गाड़ियों की कीमतों को आधा करने का दावा भी करती है। यह दावा अभी चर्चा का विषय है, क्योंकि सरकार का कहना है कि इस पॉलिसी के तहत गाड़ियों की कीमतों में गिरावट आएगी।
नई EV पॉलिसी का उद्देश्य
नई EV पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य है दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) का प्रसार करना। दिल्ली सरकार ने यह पॉलिसी वायु प्रदूषण कम करने, वाहन उत्सर्जन को घटाने और स्मार्ट सिटी के रूप में दिल्ली को स्थापित करने के लिए बनाई है। इस पॉलिसी का लक्ष्य है कि 2026 तक दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रतिशत 25% तक पहुंच सके। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि पेट्रोल‑डीजल की मांग भी घटेगी।
क्या गाड़ियों की कीमतें सच में आधी हो सकती हैं?
दिल्ली सरकार का दावा है कि उनकी नई EV पॉलिसी के तहत, गाड़ियों की कीमत में आधी कटौती हो सकती है, लेकिन क्या यह सच है? इस सवाल का जवाब सीधे तौर पर हां या ना में नहीं दिया जा सकता। सरकार ने कहा है कि ईवी सब्सिडी और छूट की योजनाओं से वाहन की कीमतों में कमी आएगी।
इसके अलावा, ईवी के लिए सस्ती लोन योजनाएं, कम रोड टैक्स और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार भी किया जाएगा। इन कदमों से गाड़ियों की लागत को कम किया जाएगा लेकिन पूरी कीमत में आधी कटौती की बात फिलहाल मुश्किल नजर आती है। हालांकि, ईवी की खरीदारी में हर व्यक्ति के लिए समान अवसर उपलब्ध होंगे, खासकर जो लोग बिजली‑चालित वाहनों को प्राथमिकता देते हैं।
नई EV पॉलिसी की प्रमुख विशेषताएं
नई EV पॉलिसी में कई पहलुओं को शामिल किया गया है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए दिल्ली को एक आकर्षक और सुरक्षित बाजार बनाएंगे। इनमें से कुछ प्रमुख बिंदु हैं:
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
नई पॉलिसी के तहत, दिल्ली में चार्जिंग स्टेशनों की संख्या को बढ़ाया जाएगा। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में दिल्ली में करीब 5,000 चार्जिंग पॉइंट्स बनाए जाएंगे, जो ईवी खरीदने वालों के लिए बहुत मददगार साबित होंगे। इन चार्जिंग पॉइंट्स को प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों, मॉल्स, पार्किंग और घरों में स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, सीसीटीवी निगरानी और तेज चार्जिंग सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।
ईवी के लिए सब्सिडी और प्रोत्साहन
नई पॉलिसी में दो‑पहिया, तिपहिया और चार‑पहिया वाहनों के लिए सब्सिडी देने की बात की गई है। खासकर दो‑पहिया वाहनों पर बैटरी क्षमता के आधार पर ₹5,000 प्रति kWh तक की सब्सिडी मिलेगी। इसके साथ ही ईवी लोन योजनाओं की ब्याज दरों में भी राहत दी जाएगी।
बैटरी रीसाइक्लिंग और नवीकरण
बैटरी का सही उपयोग और नवीकरण सुनिश्चित करना भी इस पॉलिसी का अहम हिस्सा है। बैटरियों के रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए नई तकनीक का विकास किया जाएगा। इससे न केवल बैटरियों का उचित प्रबंधन होगा, बल्कि पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ेगा।

क्या बदलाव होंगे दिल्ली की सड़क पर?
नई EV पॉलिसी से दिल्ली की सड़कों पर काफी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यहां पर विशेष रूप से स्मार्ट सिटी के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की जाएगी। नई पॉलिसी के तहत, EV की संख्या बढ़ने से सड़क पर कम प्रदूषण और स्मार्ट ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्था होगी। इसके अलावा, सौर ऊर्जा संचालित चार्जिंग स्टेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ट्रैफिक प्रबंधन का प्रयोग भी किया जाएगा।
दिल्ली की सड़कें स्मार्ट और सुरक्षित होंगी, और ईवी के लिए ट्रैफिक नियम भी विशेष रूप से तैयार किए जाएंगे। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य दिल्ली को हरित और प्रदूषण‑मुक्त बनाना है।
विशेषज्ञों की राय
इस पॉलिसी पर विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम दिल्ली के प्रदूषण नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। प्रोफेसर राजीव शर्मा, जो दिल्ली विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग में पढ़ाते हैं, कहते हैं,
“दिल्ली की सड़कें पहले ही प्रदूषण के मामले में टॉप पर हैं। नई EV पॉलिसी का उद्देश्य सिटी के कार्बन फुटप्रिंट को कम करना है, लेकिन हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इसके लिए सही इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत नीति की जरूरत है।”
नई EV पॉलिसी का दीर्घकालिक प्रभाव
नई EV पॉलिसी 2.0 का दीर्घकालिक प्रभाव दिल्ली में बड़े बदलाव ला सकता है। यदि यह पॉलिसी सफल होती है, तो इसका असर न केवल दिल्ली, बल्कि पूरे देश के परिवहन क्षेत्र पर पड़ सकता है। ईवी के उपयोग में वृद्धि से पेट्रोल और डीजल की खपत में कमी, प्रदूषण स्तर में गिरावट और आर्थिक बचत हो सकती है।
निष्कर्ष
नई EV पॉलिसी 2.0 के माध्यम से दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण को कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रचार के लिए एक साहसिक कदम उठाया है। हालांकि, गाड़ियों की कीमतों में आधी कटौती का दावा थोड़ा विवादास्पद हो सकता है, लेकिन पॉलिसी में सब्सिडी और टैक्स छूट के उपाय निश्चित रूप से लाभकारी होंगे। ईवी उपभोक्ताओं के लिए एक सस्ती और स्थायी परिवहन प्रणाली बनाने की दिशा में यह पॉलिसी एक महत्वपूर्ण कदम है।
FAQ (सामान्य प्रश्न)
1. क्या दिल्ली में EV गाड़ियों की कीमतें आधी हो जाएंगी?
Ans: दिल्ली सरकार की नई EV पॉलिसी में गाड़ियों की कीमतें आधी नहीं होंगी, लेकिन सब्सिडी और छूट के कारण खर्च कम हो सकता है।
2. नई पॉलिसी में क्या विशेष बदलाव हैं?
Ans: नई पॉलिसी में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, बैटरी रीसाइक्लिंग, और लोन सब्सिडी जैसे बदलाव होंगे।
3. क्या EV गाड़ियों के लिए दिल्ली में पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन होंगे?
Ans: हां, दिल्ली सरकार 5,000 चार्जिंग पॉइंट्स स्थापित करने की योजना बना रही है।



