Kedarnath 2026: 22 अप्रैल से शुरू हो सकती है चार धाम यात्रा, बाबा केदार के दर्शन की तारीख और यात्रा गाइड
Kedarnath 2026: उत्तराखंड के पवित्र धामों की यात्रा का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। Kedarnath समेत चार धाम यात्रा 2026 की संभावित तारीखों को लेकर धार्मिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हर साल लाखों भक्त बाबा केदार के दर्शन के लिए हिमालय की कठिन यात्रा करते हैं। ऐसे में कपाट खुलने और बंद होने की तारीख जानना श्रद्धालुओं के लिए बेहद अहम होता है।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, चार धाम यात्रा की शुरुआत अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर होती है। 2026 में भी इसी परंपरा के तहत यात्रा प्रारंभ होने की संभावना है। हालांकि, अंतिम तिथियां मंदिर समिति द्वारा हिंदू पंचांग के आधार पर आधिकारिक रूप से घोषित की जाएंगी।
Kedarnath 2026: कब खुलेंगे कपाट?
भगवान शिव को समर्पित Kedarnath मंदिर चार धाम यात्रा का प्रमुख केंद्र है। परंपरा के अनुसार, मंदिर के कपाट खुलने की घोषणा महाशिवरात्रि के दिन की जाती है।
रिपोर्ट्स/संकेतों के अनुसार, 2026 में Kedarnath मंदिर के कपाट 22 अप्रैल सुबह 8:00 बजे खुल सकते हैं। यह तिथि हिंदू पंचांग और पुजारियों की सलाह के आधार पर तय की जाती है।
बंद होने की संभावित तारीख
मौसम की स्थिति और परंपराओं को ध्यान में रखते हुए Kedarnath मंदिर के कपाट अक्टूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में बंद होते हैं।
2026 में लगभग 30 अक्टूबर (भैया दूज के आसपास) मंदिर बंद होने की संभावना जताई जा रही है।
अंतिम घोषणा विजयदशमी (दशहरा) के दिन की जाती है।
सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण मंदिर बंद रहता है और बाबा केदार की पूजा उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में जारी रहती है।
चार धाम यात्रा 2026: अन्य धामों की संभावित तिथियां

बद्रीनाथ धाम
भगवान विष्णु को समर्पित बद्रीनाथ धाम चार धाम यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
- खुलने की संभावित तारीख: 23 अप्रैल 2026, सुबह 6:15 बजे
- घोषणा परंपरागत रूप से बसंत पंचमी पर की जाती है।
- बंद होने की संभावित तारीख: 13 नवंबर 2026
सर्दियों में बद्रीनाथ की मूर्ति पांडुकेश्वर में विराजमान रहती है।
गंगोत्री धाम
मां गंगा को समर्पित गंगोत्री मंदिर की यात्रा भी अक्षय तृतीया से शुरू होती है।
- खुलने की संभावित तारीख: 19 अप्रैल 2026
- बंद होने की संभावित तारीख: 10 नवंबर 2026 (दीपावली के आसपास)
यमुनोत्री धाम
चार धाम यात्रा की शुरुआत पारंपरिक रूप से यमुनोत्री से होती है।
- खुलने की संभावित तारीख: 19 अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया)
- बंद होने की संभावित तारीख: 11 नवंबर 2026 (भैया दूज)
क्यों महत्वपूर्ण है Kedarnath यात्रा?
Kedarnath केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, साहस और आध्यात्मिक अनुभव का प्रतीक है। समुद्र तल से लगभग 11,755 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर हिमालय की गोद में बसा है।
2013 की प्राकृतिक आपदा के बाद यहां सुरक्षा और व्यवस्थाओं में बड़ा सुधार किया गया है। अब यात्रा मार्ग, हेलीकॉप्टर सेवा और ऑनलाइन पंजीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
यात्रा से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
- आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण अनिवार्य हो सकता है।
- मौसम की जानकारी नियमित रूप से जांचें।
- स्वास्थ्य जांच और यात्रा बीमा करवाना बेहतर विकल्प है।
- यात्रा सीजन में भारी भीड़ रहती है, इसलिए पहले से बुकिंग कर लें।
आधिकारिक घोषणा कब होगी?
चार धाम की अंतिम तिथियां मंदिर समिति द्वारा हिंदू पंचांग और धार्मिक परामर्श के आधार पर घोषित की जाती हैं।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ऊपर दी गई तिथियां रिपोर्ट्स/संकेतों के अनुसार संभावित तिथियां हैं। आधिकारिक पुष्टि के लिए उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम बोर्ड या संबंधित मंदिर समिति की घोषणा का इंतजार करें।
निष्कर्ष
Kedarnath 2026 यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर है। संभावित कार्यक्रम के अनुसार, अप्रैल के तीसरे सप्ताह से यात्रा शुरू हो सकती है और अक्टूबर-नवंबर तक चलेगी। हालांकि अंतिम तिथियां आधिकारिक घोषणा के बाद ही सुनिश्चित होंगी।
अगर आप 2026 में चार धाम यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अभी से तैयारी शुरू कर दें और आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें।
FAQs
Q1. When will Kedarnath open in 2026?
रिपोर्ट्स के अनुसार 22 अप्रैल 2026 सुबह 8:00 बजे कपाट खुल सकते हैं, लेकिन अंतिम तिथि आधिकारिक घोषणा के बाद तय होगी।
Q2. When does Char Dham Yatra start in 2026?
संभावना है कि 19 अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया) से यात्रा शुरू हो।
Q3. When will Kedarnath close in 2026?
संकेतों के अनुसार 30 अक्टूबर 2026 के आसपास कपाट बंद हो सकते हैं।
Q4. Is registration mandatory for Kedarnath Yatra?
हां, आमतौर पर यात्रा के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन पंजीकरण अनिवार्य होता है।
Q5. Where is Kedarnath located?
Kedarnath उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में हिमालय की ऊंचाई पर स्थित है।



