Grok AI Update: Elon Musk ने बदल दी Twitter Timeline! क्या आपकी सोशल मीडिया फ्रीडम खतरे में?

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Grok AI अपडेट: X की टाइमलाइन हुई पूरी AI-संचालित — जानिए इसका मतलब

 

Grok AI के नाम से अब हर कोई परिचित है — लेकिन 2025 के अंतिम महीनों में आए एक बड़े बदलाव ने X (पूर्व में Twitter) यूजर्स के सोशल मीडिया अनुभव को पूरी तरह बदलने की ठानी है। इस बदलाव के तहत, X की “Following” फ़ीड (उन लोगों की पोस्ट जिन्हें आप फॉलो करते हैं) अब कालानुक्रमिक (chronological) नहीं बल्कि AI-संचालित रैंकिंग के आधार पर दिखेगी।


Grok AI क्या है?

Grok AI एक जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट है, जिसे अमेरिकी कंपनी xAI ने विकसित किया है। इसे नवंबर 2023 में लॉन्च किया गया था।

xAI के अनुसार, Grok एक “लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM)” पर आधारित है — यानी यह डेटा की विशाल मात्रा को समझने, टेक्स्ट जनरेट करने और सवाल-जवाब करने में सक्षम है।

Grok को शुरुआत में एक “एडवांस्ड, थोड़ा बेलगाम” टोन देने के लिए डिज़ाइन किया गया था — यानी यह केवल फॉर्मल या रूढ़ी भाषा में नहीं, बल्कि हल्की हंसी-मजाक, सीधी-सीधी बातें और कभी-कभी बेबाक प्रतिक्रियाएं भी दे सकता था।

इस फ्रीफॉर्म शैली ने उसे अन्य AI चैटबॉट्स — जैसे कि जिन्मिनी या ChatGPT — से अलग साबित किया।


Grok AI द्वारा X पर Following फीड रैंकिंग में बदलाव, यूजर्स को AI आधारित पोस्ट दिखाने की नई तकनीक की हिंदी में विस्तृत जानकारी
Grok AI अब तय करेगा कि यूजर्स X पर क्या देखें — कालानुक्रमिक फीड खत्म और AI प्रेडिक्शन आधारित सिस्टम लागू, जिससे अनुभव बदल सकता है।

Grok AI कैसे X (Twitter) का हिस्सा बन गया — और नया अपडेट क्या है

हाल ही में, 2025 में, X (पूर्व में Twitter) ने घोषणा की कि उनकी “Following” फीड अब पूरी तरह AI-रैंकिंग (AI-powered ranking) के आधार पर दिखाई जाएगी। यानी अब आपकी टाइमलाइन वास्तव में “जो सिस्टम सोचे कि आपको पसंद आएगा या रुचिकर होगा” — उसके अनुसार सॉर्ट की जाएगी।

इस अपडेट को लागू करने की समयसीमा अभी नवंबर 2025 के आस-पास बताई गई है।

इस परिवर्तन का मतलब है कि केवल समय के अनुसार पोस्ट दिखने का दौर खत्म — अब “व्यवहार, उपयोगकर्ता की प्राथमिकताएँ, जुड़ाव (engagement), संभव रुचि” सब मायने रखेंगे।

हालाँकि, X ने कहा है कि अगर कोई यूजर चाहे, तो वह “पुरानी chronological फीड” पर वापस जा सकता है — यानी इच्छानुसार बदलाव संभव है।


Grok AI + X अपडेट: फायदे और संभावनाएँ

इस बड़े बदलाव के साथ कई ऐसे पहलू सामने आए हैं जिनमें फायदे दिखते हैं:

बेहतर और अधिक प्रासंगिक कंटेंट

जब आपकी फीड AI के आधार पर रैंक होगी, तो आपको शायद वो पोस्ट ऊपर दिखेंगी जो आपकी रुचि, लाइक, रियेक्ट, कमेंट इतिहास आदि के आधार पर बेहतर अनुमानित होंगी। जिसका मतलब है — कम शोर, ज्यादा प्रासंगिक।

न्यू क्रिएटर और कम-फॉलो वाले अकाउंट्स को अवसर

एक AI-रैंकिंग मॉडल छोटे या कम-ज्ञात अकाउंट्स को भी मौका दे सकता है — यदि उनका कंटेंट वास्तव में गुणवत्तापूर्ण, दिलचस्प, या ट्रेंड में हो। इससे कंटेंट क्रिएशन और विविधता का दायरा बढ़ सकता है। यही बदलाव इसलिए सकारात्मक माना जा रहा है।

यूज़र एक्सपीरियंस अधिक पर्सनल और अनुकूल

सामान्य रूप से सोशल मीडिया उपयोग के दौरान लोग वही देखना पसंद करते हैं जो उनकी रूचि का हो। AI-मैच्ड फीड के जरिए X अपनी सेवा को अधिक व्यक्तिगत बना रहा है — जिससे उपयोगकर्ता अनुभव (UX) बेहतर हो सकता है, कंटेंट स्क्रॉल और खो जाने की संभावना कम हो सकती है।


विवाद, आलोचना और जोखिम — Grok AI पर उठ रहे सवाल

लेकिन जैसे हर बड़े परिवर्तन के साथ फायदे होते हैं, वैसे ही चुनौतियाँ और जोखिम भी सामने आ रहे हैं।

पूर्व अनुभव — Grok की विवादित प्रतिक्रियाएं

Grok पहले भी विवादों में रहा है। 2025 की शुरुआत में कई यूजर्स ने शिकायत की कि जब उन्होंने हिंदी में सवाल पूछा, तो Grok ने अभद्र या आपत्तिजनक भाषा में जवाब दिया।

कुछ मामलों में AI ने राजनीतिक या संवेदनशील विषयों पर प्रतिक्रिया दी, जिससे आरोप लगे कि AI में फिल्टरिंग पर्याप्त नहीं है।

इस तरह की अनुभवहीन या बेबाक जवाबदेही से यूजर-विश्वास (trust) और प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।

बायस, एхо-चेंबर, और जानकारी की गुणवत्ता

AI-रैंकिंग मतलब है — वह कंटेंट जो आपके “स्मार्टफोन, एंगेजमेंट, इतिहास, पसंद” के आधार पर दिखाया जाता है। यह हमेशा सकारात्मक नहीं होता। हो सकता है कि आपको वही चीज़ें बार-बार दिखाई जाएँ जो आप पहले पसंद कर रहे थे — यानी आपके विचार, दृष्टिकोण, रुचियाँ — सब उसी echo-chamber में बंद हो जाएँ। इससे नये विचार, वैकल्पिक दृष्टिकोण या विविधता की संभावनाएँ कम हो सकती हैं।

इसके अलावा, यदि AI किसी फेक, झूठी, भ्रामक या अफ़वाह जनित पोस्ट को “एंगेजिंग” समझकर प्राथमिकता दे दे — तो गलत जानकारी (misinformation) तेजी से फैल सकती है।

पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी

जब फीड AI-आधारित हो जाएगी, तो यह जान पाना मुश्किल होगा कि कौन-सी पोस्ट “क्यों” आपके सामने आ रही है। क्या यह इसलिए है क्योंकि आपने उसके साथ पहले एंगेज किया था? या क्योंकि AI ने अनुमान लगाया कि यह आपके लिए रोचक हो सकता है? यह स्वरूप पारदर्शिता को चुनौती देता है — जिससे मीडिया-विश्वास, जानकारी की प्रामाणिकता, और यूजर नियंत्रण पर असर पड़ सकता है।


विशेषज्ञ दृष्टिकोण और टेक्नोलॉजी जगत की प्रतिक्रिया

विश्लेषकों और टेक समुदाय के पेशेवरों के अनुसार, Grok AI + X का यह अपडेट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए एक बड़े प्रयोग जैसा है — और इससे आने वाले सालों में सोशल मीडिया, समाचार, जन-मत, सार्वजनिक विमर्श (public discourse) सब प्रभावित हो सकते हैं।

कुछ विशेषज्ञ कहते हैं कि AI-फीड से कंटेंट क्रिएटरों को बेहतर अवसर मिलेंगे — विशेष रूप से वे जो छोटे-मोटे, लेकिन इनोवेटिव या niché विषयों पर काम करते हैं। वहीं, अन्य विशेषज्ञ आगाह करते हैं कि अगर एथिक्स, मोडरेशन, पारदर्शिता आदि पर ध्यान न दिया गया, तो यह “मनचाही जानकारी” या “बायस्ड जानकारी” फैलाने का माध्यम बन सकता है।

क्योकि, जैसा कि देखा गया है, Grok पहले ही विवादित जवाब देने के लिए समस्या बन चुका है।

इसके अलावा, इतिहास में बड़े प्लेटफॉर्म्स ने Algorithmic bias, filter-bubble, misinformation जैसे जोखिमों का सामना किया है — AI-फीड के साथ, ये जोखिम और बढ़ सकते हैं।


Grok AI की विवादित प्रतिक्रियाओं और यूजर्स की गोपनीयता पर असर, X प्लेटफॉर्म में Artificial Intelligence उपयोग की हिंदी रिपोर्ट
Grok AI द्वारा कुछ अप्रत्याशित और विवादित प्रतिक्रियाओं के बाद यूजर्स ने सुरक्षा और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए, जिससे यह बड़ा मुद्दा बन गया।

उपयोगकर्ता के लिए क्या बदलने वाला है — आपको क्या ध्यान देना चाहिए

यदि आपX (पूर्व Twitter) इस्तेमाल करते हैं, तो इस अपडेट के बाद आपकी सोशल मीडिया आदतें बदल सकती हैं — यहाँ कुछ सुझाव हैं:

  • अगर आप चाहते हैं कि आपको हर पोस्ट समयानुसार दिखे — तो chronological feed सेटिंग चुनें।
  • किसी भी सूचना या पोस्ट को बिना जांच–परख के शेयर न करें — क्योंकि AI-रैंकिंग मतलब जानकारी की विश्वसनीयता की गारंटी नहीं।
  • खुद से स्रोत देखें, fact-check करें — खासकर अगर पोस्ट संवेदनशील या विवादित है।
  • अपने समय, उपयोग और सोशल मीडिया की आदतों पर नजर रखें — क्योंकि AI-फीड मानव नियंत्रण कम करती है।
  • सोशल मीडिया पर विविध विचारों, दृष्टिकोणों को जानने के लिए सक्रिय रूप से अलग विषय खोजें — ताकि आप एक ही echo-chamber में ना बंद हों।

निष्कर्ष

Grok AI के साथ X की “Following” फीड को AI-संचालित करना — यह 2025 की सबसे बड़ी सोशल मीडिया अपडेट्स में से एक है। यह बदलाव प्लेटफॉर्म, कंटेंट क्रिएटर, और उपयोगकर्ताओं सबके लिए नए युग की शुरुआत का संकेत देता है।

इससे आपको अधिक पर्सनलाइज़्ड, प्रासंगिक और आकर्षक कंटेंट मिल सकती है। छोटे क्रिएटरों को अवसर मिल सकते हैं। लेकिन — किसी भी शक्तिशाली टेक्नोलॉजी की तरह — यह बदलाव जिम्मेदारी, पारदर्शिता और सजगता मांगता है।

यदि सही तरीके से इस्तेमाल हो, और यदि उपयोगकर्ता सतर्क रहें, तो यह अपडेट सोशल मीडिया के अनुभव को बेहतर बना सकता है। लेकिन अगर केवल एंगेजमेंट, बायस, या सनसनीखेजी को प्राथमिकता दी गई — तो यह प्लेटफार्म, सोशल मीडिया संस्कृति और सार्वजनिक विमर्श के लिए खतरा भी बन सकता है।


 (FAQ)

Q1: Grok AI और X का यह नया अपडेट कब लागू हुआ?
A: xAI ने अक्टूबर–नवंबर 2025 में घोषणा की कि X की Following फीड पूरी तरह AI-रैंकिंग पर जाएगी।

Q2: क्या मैं फिर भी पारंपरिक chronological फीड देख सकता हूँ?
A: हां। X ने कहा है कि उपयोगकर्ता चाहें तो chronological feed पर वापस जा सकते हैं।

Q3: Grok AI पहले विवादों में क्यों रहा है?
A: इसके कारणों में सर्वोपरि है — Grok द्वारा कभी-कभी अभद्र भाषा का उपयोग करना, संवेदनशील या विवादित सवालों पर बेबाक जवाब देना, और कभी बायस्ड प्रतिक्रियाएं देना।

Q4: क्या AI-रैंकिंग से misinformation या filter-bubble का खतरा बढ़ जाएगा?
A: विशेषज्ञों का मानना है कि हां — क्योंकि AI फीड उन कंटेंट को प्राथमिकता दे सकती है जो ज्यादा एंगेजमेंट पाते हों, न कि जो तथ्यात्मक रूप से सही या विविध हों।

Q5: आम यूजर को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
A: सूचना की विश्वसनीयता जांचना, स्रोत देखना, अपने सोशल मीडिया उपयोग की आदतों पर नियंत्रण रखना, और echo-chamber से बचने के लिए विविध स्रोतों से जानकारी लेना चाहिए।


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