gold and silver price india : 25 नवम्बर 2025 को बाजार की तस्वीर
आज 25 नवम्बर 2025 को भारत में gold and silver price india ने फिर से महत्वपूर्ण मोड़ देखा है। वैश्विक कारणों-से प्रेरित तीव्र चालों और घरेलू मांग के संतुलन ने इस धातु-बाजार को विशेष गतिशीलता दी है।
परिचय
भारत में सोना-चाँदी की कीमतें हमेशा निवेश, शृंगार और सुरक्षित संपत्ति के रूप में महत्वपूर्ण रही हैं। आज का “gold and silver price india” सिर्फ संख्या नहीं बल्कि निवेश के मूड, वैश्विक आर्थिक संकेत और घरेलू शृंगार-मांग का प्रतिबिंब है। इस समय में जब Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर सोने-चाँदी की वायदा कीमतें बढ़ रही हैं, और वैश्विक रूप से Federal Reserve (फेड) द्वारा संभावित दर कटौती की ओर बाजार का रुख है, तब निवेशक-खरीदार दोनों को सजग रहने की जरूरत है।

आज की दरें और कल से तुलना
नीचे दिए गए हैं आज 25 नवम्बर 2025 को प्रमुख शहरों में सोना व चाँदी की दरें, साथ ही 24 नवम्बर 2025 से उनका अंतर—
| धातु व मानक | आज की दर (25 नव.) | कल की दर (24 नव.) | परिवर्तन |
|---|---|---|---|
| 24 K सोना / 10 ग्राम (दिल्ली) | ₹ 1,25,290 | ~₹ 1,25,099* | ↑ ₹ 191 |
| 22 K सोना / 10 ग्राम (दिल्ली) | ₹ 1,14,849 | ~₹ 1,14,674* | ↑ ₹ 175 |
| चाँदी / 1 किग्रा (दिल्ली) | ₹ 1,56,840 | ~₹ 1,54,800* | ↑ ₹ 2,040 |
*कल की अनुमानित दरें विभिन्न स्रोतों से एकत्रित और निष्कर्षित की गई हैं क्योंकि हर स्रोत में कल का सटीक अंक नहीं था।
यह तालिका स्पष्ट करती है कि आज “gold and silver price india” में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है, खासकर सोने-चाँदी की वायदा कीमतों में।
बड़े कारण: क्या प्रेरित कर रहा है ये बढ़ोतरी?
कुछ प्रमुख कारक जो आज के बाजार व्यवहार को समझने में मदद करेंगे:
वैश्विक संकेत: फेड की दर-कट उम्मीद
हाल ही में अमेरिका में कुछ आर्थिक आंकड़े और फेड अधिकारीयों के बयान इस ओर इशारा कर रहे हैं कि दर कटौती की संभावना बढ़ रही है। उदाहरण के लिए, दुनिया की प्रमुख समाचार एजेंसी Reuters ने रिपोर्ट किया कि सोने की कीमतें उस समय छू गईं जब “markets are pricing in an 85% chance of a December rate cut”.
सेनियर विश्लेषक Jim Wyckoff ने भी कहा- “Some profit-taking … might have dropped gold off its highs” हालांकि बुनियादी दबाव अभी भी अनुकूल बने हैं।
इस प्रकार, “gold and silver price india” इस वैश्विक संकेत के प्रभाव में बढ़ गए हैं।
घरेलू मांग और शादी-मौसम प्रभाव
भारत में विशेष रूप से शृंगार और विवाह के अवसरों पर सोना-चाँदी की मांग बढ़ जाती है। एक विश्लेषक ने कहा कि “ongoing wedding-season jewellery demand” ने इस उछाल को समर्थन दिया है।
यह घरेलू मांग “gold and silver price india” को ऊपर ले जाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मुद्रा एवं अन्य तकनीकी फैक्टर
जब अमेरिकी डॉलर कमजोर होता है, तो सोना-चाँदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर प्रवृत्ति बढ़ जाती है। यह भारत जैसे आयात-आधारित बाजारों में सीधे असर डालती है। इसके साथ ही वायदा बाजार में बढ़ी प्रवृत्ति ने MCX पर सोना-चाँदी की कीमतों को धक्का दिया है।
इस तरह से “gold and silver price india” सिर्फ स्थानीय नहीं बल्कि वैश्विक खेल का हिस्सा बन गया है।
विशेषज्ञों की राय: क्या कह रहे हैं निवेश-विश्लेषक?
उद्योग विशेषज्ञों ने अपने विचार दिए हैं जो इस समय की चाल को समझने में सहायता करते हैं:
• ଶ Aksha Kamboj, उपाध्यक्ष, India Bullion & Jewelers Association (IBJA):
“Gold remains a strong portfolio anchor in the current environment … ongoing wedding-season jewellery demand, alongside its established role as an inflation hedge…”
इस बयान से स्पष्ट है कि सोने को केवल आभूषण सामग्री नहीं माना जा रहा बल्कि डायवर्सिफिकेशन एवं सुरक्षित निवेश के साधन के रूप में देखा जा रहा है।
• Rahul Kalantri, उपाध्यक्ष, कमोडिटीज, Mehta Equities:
“Gold and silver remained highly volatile but sharp rebounded … market expectations for a 25 bps cut has surged to around 81%, up sharply from about 40% a week earlier.”
उनका दृष्टिकोण इस बात की ओर संकेत करता है कि “gold and silver price india” में अभी उतार-चढ़ाव आएगा, यानी सावधानी आवश्यक है।

आगे का परिदृश्य: निवेशक-खरीदार को क्या ध्यान रखना चाहिए?
जब हम “gold and silver price india” के आगे की दिशा पर विचार करें, तो निम्न बातें महत्वपूर्ण होंगी:
- यदि अमेरिका में आने वाले आर्थिक आंकड़े मजबूत आएँगें, तो फेड की दर कटौती की संभावना कम हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप सोना-चाँदी की तेजी रुक सकती है।
- विवाह-मौसम एवं घरेलू मांग बल बनाए रख सकते हैं लेकिन कीमत ऊँची होने पर थोक-खरीद और उपभोक्ता खरीद थम सकती है।
- निवेशक यदि सोने-चाँदी में भागीदारी सोच रहे हैं, तो शुद्धता, BIS-हॉलमार्क, कर एवं जीएसटी को ध्यान में रखें।
- चाँदी के मामले में विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सोने की तरह केंद्रीय बैंक समर्थन नहीं मिलता; इसलिए “gold and silver price india” में चाँदी की ओर उतार-चढ़ाव अधिक हो सकता है।
निष्कर्ष
आज का “gold and silver price india” एक संकेत है कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य, केंद्रीय बैंक की नीतियाँ, घरेलू मांग एवं निवेश-रुझान — इन सब का संगम हो रहा है। सोने की दरें लगभग ₹ 1,25,000/10 ग्राम (24 K) के आसपास पहुँच गई हैं और चाँदी 1 किग्रा में ₹ 1,56,000+ तक पर है। हालांकि यह दरें स्थिर नहीं हैं; कल की तुलना में हल्की बढ़ोतरी दिख रही है। निवेशक और उपभोक्ता दोनों के लिए जरूरी होगा कि वे जल्दबाजी न करें, बाजार संकेतों को समझें और आवश्यक सुरक्षा-चेतावनियों के साथ निर्णय लें।
“gold and silver price india” आज सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि अगले दिनों के लिए रणनीति बनाना पड़ने वाली खबर है।
(FAQ)
Q1. आज भारत में 24 K और 22 K सोने की दर क्या है?
आज 25 नवम्बर 2025 को दिल्ली में 24 K सोना लगभग ₹ 1,25,290/10 ग्राम तथा 22 K सोना लगभग ₹ 1,14,849/10 ग्राम के आसपास रहा।
Q2. चाँदी की आज की दर क्या है?
आज चाँदी (999 शुद्धता) भारत में लगभग ₹ 1,56,840/किग्रा के स्तर पर पहुंची है।
Q3. कल की तुलना में आज कीमतों में कितना अंतर आया है?
24 K सोने में लगभग ₹ 191 की बढ़ोतरी हुई है, जबकि चाँदी में लगभग ₹ 2,000+ की वृद्धि देखने को मिली है। तालिका में ऊपर इसका विवरण दिया गया है।
Q4. क्या अभी सोना या चाँदी खरीदना सही निर्णय होगा?
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आपका उद्देश्य लंबे समय के लिए संपत्ति सुरक्षित करना है और आप सही समय-निर्धारण के साथ-साथ शुद्धता तथा करों का ध्यान रखते हैं, तो सोना अभी एक विकल्प हो सकता है। लेकिन चाँदी के मामले में उठने-घटने की संभावना अधिक है। अर्थात्, “gold and silver price india” को निवेश के रूप में सोचें, तुरंत मुनाफा कमाने के रूप में नहीं।
Q5. अगले कुछ दिनों में सोना-चाँदी की दिशा क्या हो सकती है?
यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था कमजोर बनी रहती है और फेड दर कटौती की दिशा में आगे बढ़ता है, तो सोना-चाँदी दोनों को समर्थन मिल सकता है। लेकिन अगर डेटा मजबूत आयेगा या डॉलर-रूपये में मजबूती आएगी, तो कीमतों में रुकावट भी आ सकती है। यानी “gold and silver price india” का आगे का रास्ता संकेत (signals)-पर निर्भर होगा।



